कुरान में उंगलियों के निशान की विशिष्टता | वैज्ञानिक चमत्कार
कुरान 75:4 अल्लाह की उंगलियों को पुनर्निर्माण करने की क्षमता का उल्लेख करता है—विज्ञान से 1300 साल पहले।
क्या आप जानते थे?
कुरान 75:3-4 में उल्लेख है कि अल्लाह البنان 'अल-बनान' (उंगलियों की नोक) को भी पुनः संयोजित कर सकता है। उंगलियों की नोक ही क्यों? उंगलियों के निशान बिल्कुल अद्वितीय हैं—कोई दो व्यक्ति, यहां तक कि समान जुड़वां, के भी एक जैसे निशान नहीं होते। प्रत्येक उंगली की नोक व्यक्ति की अंतिम पहचान है। उंगलियों के निशान की विशिष्टता फ्रांसिस गैल्टन द्वारा 1892 में वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हुई, कुरान के 1,200+ वर्ष बाद।
क्या मनुष्य समझता है कि हम उसकी हड्डियों को इकट्ठा नहीं करेंगे? हाँ, हम उसकी उंगलियों की नोक को भी सुव्यवस्थित करने में सक्षम हैं।
कुरान 75:3-4
व्याख्या
आयत पुनरुत्थान के संदर्भ में उंगलियों के निशान का उल्लेख करती है, जो प्रत्येक व्यक्ति की पहचान के लिए अद्वितीय हैं।
वैज्ञानिक विवरण
The Science
Fingerprints form at 10-16 weeks in the womb | Remain unchanged for life | Absolutely unique—no duplicates ever found | Even identical twins have different prints
Historical Discovery
Sir Francis Galton scientifically proved fingerprint uniqueness in 1892. This led to modern forensic identification systems. Before this, no one knew fingertips were uniquely identifying.
संदर्भ
- Galton, F. (1892) - Fingerprints
- FBI Integrated Automated Fingerprint Identification System
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